आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P29-0007 · भाग 29

गुरु जी, कौन सौभाग्यशाली है और कौन दुर्भाग्यशाली?

मैं दुनिया का सौभाग्यशाली व्यक्ति उसे समझता हूं जो अध्यात्म को समझते हैं। और दुनिया का दुर्भाग्यशाली व्यक्ति वह है जो समझने के बाद भी अपना आत्मिक कल्याण नहीं करते। अब आप देख लो, दो में से किस में हो। और दोनों में से एक भी नहीं हो तो कोई बात नहीं — अभी प्रकृति ने अध्यात्म समझने की समझ नहीं दी है; जहां हो ठीक हो, समय आएगा, समझ बढ़ेगी, तो आना आपको यहीं पड़ेगा।

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वीडियो: भाव, गुण और लक्षण में भेद क्या है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30