आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P29-0068 · भाग 29

गुरु जी, ब्रह्म, पारब्रह्म और परम ब्रह्म में क्या अंतर है? क्या इसका भी मोक्ष से संबंध है?

ब्रह्म का मतलब यह है कि हम बस शब्दों में जानते हैं, पता नहीं — तो वह मेरे लिए ब्रह्म है; है भी और नहीं भी है। और हम स्वयं तक पहुंच के उसको पार कर लिए, तो कहां चले गए — पारब्रह्म। और हम उससे मिल लिए, तो हमारे लिए हो गया परम ब्रह्म। जैसे किसी को नाम से बुलाते हैं, लेकिन लेटर लिखना होता है तो श्री या श्रीमती लगाते हैं — एक सम्मान का संबोधन है। जैसे एक स्त्री कुंवारी है, लड़की है; गर्भ धारण की, मां बन गई; उसके बेटे से बेटा हुआ तो दादी बन गई — लेकिन है तो एक ही। तो जब तक सुने थे, ब्रह्म था; पार कर गए, पारब्रह्म; और मिल गए, परम ब्रह्म।

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वीडियो: गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु का क्या कर्तव्य है शिष्य के प्रति / #योगीजी_का_सत्संग #गुरु #पूर्णिमा · 2024-07-21