प्रश्नोत्तर P29-0073 · भाग 29
गुरु जी, भक्ति में चलते हैं तो कहीं ना कहीं इष्ट के दर्शन की कामना तो रहती है — क्या यह भी कामना है?
लेकिन क्यों — पाने के लिए या खोने के लिए? यहां से छूटने के लिए दर्शन कोई कामना नहीं है, क्योंकि तुम छोड़ना चाहते हो। हमने कुछ पकड़ा; पहले मैं नहीं पकड़ा था, अब मैं छोड़ रहा हूं — यह कामना थोड़ी ना हुआ। पकड़ना कामना था, छोड़ना कहां से कामना हुआ? हां, कहीं ना कहीं उसमें फंसे तो नहीं हैं — अगर कामना नहीं है तो नहीं; अगर कामना है तो बात अलग है।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु का क्या कर्तव्य है शिष्य के प्रति / #योगीजी_का_सत्संग #गुरु #पूर्णिमा · 2024-07-21