आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P29-0198 · भाग 29

गुरु जी, मन को, अपने ध्यान को केंद्रित करने के लिए क्या कुछ क्रियाएं होती हैं? आंख बंद करते हैं तो घर या कोई मूर्ति दिखाई देती है — उसे अपनी इच्छा से एक जगह कैसे केंद्रित करें?

कहां केंद्रित करना चाहते हो, और क्यों? उससे होगा क्या? मन कहीं नहीं जाता; मन आपकी जरूरत में जाता है, अभी भी वो जरूरत में ही जा रहा है। या तो पांच इंद्रियों द्वारा बहिर्मुखी जाता है; पांच इंद्रियों से नहीं मिलता तो वो अंतर्मुखी रहता है — जितना आपने संचित किया है वही आपको दिखाता है। मन पे हमने अनेक वीडियो भी बनाए हैं, उसे ध्यान से सुनना, ये भ्रांतियां आपकी मिट जाएंगी। मन स्थिर है, मन कहीं नहीं भटकता; भटकते आप हो, दोष मन का देते हो। मैं दो हैं — एक परम सत्यम, एक अहम मैं। अहम मैं 'मेरा' से आया है — मेरे शरीर की ताकत, वैभव की ताकत, मेरे लोगों की ताकत। अपने गांव में किसी अनजान से धक्का लग जाए तो कालर पकड़ लोगे, क्योंकि आपके लोग हैं; 1000 कि.मी. चले जाओ, कोई धक्का मार दे तो 'सॉरी, जाने दो' — वहां अहम भाव काम नहीं करेगा। परेशानी अहम मैं से है, उसको आपने पाल के रखा है; धीरे-धीरे समझ के इसको छोड़िए। मन को कहीं एकाग्र करो ही मत; आप उचित-अनुचित देख के उचित काम करो, अनुचित का त्याग कर दो। बस बात खत्म।

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वीडियो: #अहंकार से कैसे मुक्त हों ?| How to Dissolve the #Ego: The Path to #Spiritual #Freedom · 2026-05-13