प्रश्नोत्तर P30-0057 · भाग 30
गुरु जी, प्रारब्ध पर विश्वास करें या पुरुषार्थ पर?
देखिए, कर्म से ही मिलता है, उसे प्रारब्ध कहते हैं। प्रारब्ध शब्द को समझिए ना — आपका किया गया कर्म आपको मिलता है, उसी को प्रारब्ध कहते हैं। समझने का एक तरीका है।
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वीडियो: आत्मग्लानि कब होती है ? #live_satsang #aadhyatmik #satsang #pratyakshgyan #yogijikasatsang · 2024-12-25