प्रश्नोत्तर P30-0074 · भाग 30
गुरु जी, आत्मिक चिंतन में भूतकाल की घटना और भविष्य की कल्पना के विचार में ही टाइम पास हो जाता है, तो क्या करें?
यही तो बात है — टाइम पास मत करिए, आत्मिक चिंतन को समझिए। भविष्य तो अभी आया ही नहीं है, और भूतकाल तो भूतकाल है। आप प्लानिंग मत करो ना। आपको छूटना है, तो देखो कहां-कहां से छूटना है — यह समझिए।
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