आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P30-0111 · भाग 30

गुरु जी, रसपान करने का अर्थ क्या है?

रसपान मतलब — आप शब्दों का रसपान कर रहे हो, रूप का रसपान कर रहे हो, सुगंध-दुर्गंध का रसपान कर रहे हो, स्वाद का रसपान कर रहे हो; अपने तरीके से चाहिए, अपने तरीके से छू रहे हो — यह रसपान हुआ।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: आत्मग्लानि कब होती है ? #live_satsang #aadhyatmik #satsang #pratyakshgyan #yogijikasatsang · 2024-12-25