आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P30-0123 · भाग 30

हम अपनी गलतियों को स्वयं कैसे देखें और सुधारें? और हम साधना के सही रास्ते पर जा रहे हैं, यह कैसे जानें?

जब आप (गलती) करते हो, तो उसी समय करो मत; दोबारा उसे दोहराओ मत। और अपने हाव-भाव, विचार देखो, अपने बोलने का तरीका — अपने आप को देखते रहो। काम करते हुए, बोलचाल में, उठते-बैठते — मेरे में बदलाव हो रहा है कि नहीं, आप ही को जांचना है। (बिना आईने के कैसे मालूम पड़ेगा?) आईना सब सामने है — जिससे बात करते हो, वह आईना है। देखो, जिससे मैं बात करता हूं उसको कैसा लगा; अगर उसको हमारी भाषा सही नहीं लगी, तो हमारी भाषा-शैली में कहीं गड़बड़ है — उस भाषा-शैली को सुधारो। उसके चेहरे से पता चल जाएगा, और अपने से भी ऐसा एहसास होगा कि हमारे में बदलाव हुआ। इसको जांचना पड़ेगा आपको बुद्धिमानी से — बातचीत करते, उठते-बैठते, लेन-देन में।

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वीडियो: आत्मग्लानि कब होती है ? #live_satsang #aadhyatmik #satsang #pratyakshgyan #yogijikasatsang · 2024-12-25