प्रश्नोत्तर P30-0169 · भाग 30
गुरु जी, ब्रह्मचर्य का क्या अर्थ है?
ब्रह्मचर्य ईमानदारी है। ईमानदारी आपको सत तक लेकर जाती है, सत के बाद आत्म ज्ञान। आपका ब्रह्मचर्य है ईमानदारी; और शरीर का ब्रह्मचर्य — ऊर्जा को रोकना। पहले तो ईमानदारी का ब्रह्मचर्य रखो, तब शरीर की ऊर्जा भी रोकोगे तो काम आएगी, उसका उपयोग होगा; नहीं तो दुरुपयोग होगा।
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वीडियो: सेवक के अंदर पाए जानें वाले गुण और धर्म कौन से हैं ? #livesatsang #aadhyatmik_satsang #gyan · 2024-12-24