प्रश्नोत्तर P1-0010 · भाग 1
गुरु जी, कभी-कभी अंदर से ऐसी तीव्र भावना (लहर) उठती है कि हमें वहां (कुटिया) जाना ही चाहिए — मैं बड़ा काम छोड़कर ऑटो किराए पर लेकर यहां आया। क्या यह हमारे पहले के कोई कर्म हैं?
हां, जरूर आपने ऐसी इच्छा बनाई है, इसीलिए आपके अंदर से ऐसे भाव उठते हैं, ऐसी लहर आती है कि जाना ही चाहिए। तुम्हारी इच्छा ही तुम्हें लेकर आई। उसके लिए तुमने भाव बनाया था कि मुझे साधना करनी है — तो साधना का स्थान मिल गया।
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वीडियो: 21 रात अपनों की कुटिया हरियाणा यमुना तट#योगी · 2026-10-15