प्रश्नोत्तर P1-0169 · भाग 1
भारतीय माता-पिता का भी एक मुख्य वाक्य होता है — ‘लोग क्या कहेंगे’। इस पर क्या कहेंगे?
सही बात है। यह बात मुझे भी सुनने को मिलती थी — लोग क्या कहेंगे। तो मेरा एक ही कहना था कि लोगों को जो भी कहना हो कहें, मुझे तो सिर्फ अपना काम करना है। लोग क्या कहेंगे, उससे मुझे क्या मतलब? क्योंकि मैं लोगों के लिए थोड़ी जी रहा हूं; पहले तो मैं अपने लिए जी रहा हूं। जब मुझसे कुछ बचेगा, तभी मैं लोगों के लिए कर पाऊंगा। ‘लोग क्या कहेंगे’ — यह कमजोर व्यक्ति की भाषा है।
मैं दुनिया से नहीं हूं, दुनिया मुझसे है। मैं हूं तो ही दुनिया है; मैं खत्म तो दुनिया खत्म। और मैं जिंदगी इसलिए काट रहा हूं कि ये क्या सोचेंगे — क्या ये मेरे साथ जाने वाले हैं? तो मुझे सिर्फ इतना सोचना है कि मुझे क्या करना है। और जैसा मैं करूंगा, वैसा ही लोग सोचेंगे।
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वीडियो: देखना है मुझे क्या चाहिए ? #योगी · 2026-10-12