प्रश्नोत्तर P1-0195 · भाग 1
योगी जी, हमारी गाड़ी तीन दिन की बारिश से दलदल में फंस गई थी; फिर ट्रैक्टर ने उसे खींचकर निकाला। तो मेरा प्रश्न है — जहां हम कमजोर होते हैं वहां ताकतवर की जरूरत पड़ती है। आध्यात्मिक मार्ग में मुझे पावरफुल गुरु की जरूरत है, यह कैसे जानूं? बहुत लोग गुरु का टैग लगाए घूम रहे हैं, और हमारे प्रश्न भी अक्सर दिखावे के, किसी से सुने हुए होते हैं। मैं अपने आप को कैसे जांचूं कि मेरी अपनी ताकत खत्म हो गई है और अब मुझे ज्यादा ताकतवर की जरूरत है?
जब शुरुआत में आपकी गाड़ी फंसी तो आपने उसे निकालने का प्रयास किया — ऐसा नहीं कि फंसते ही छोड़ दिया। निकालने में वह और फंसती चली गई। और अगर निकालने का प्रयास नहीं करते तो पक्का भी नहीं होता कि फंस गई। फिर ऐसी स्थिति आई कि आपको पता चला कि अब मेरे द्वारा कुछ नहीं हो सकता। तो ऐसे ही हम भी आकर भवसागर में उलझ गए हैं, फंस गए हैं।
आपने उस गाड़ी को तब छोड़ा जब आपको पता चला कि अब प्रयास करेंगे तो गाड़ी पलट भी सकती है। आपने बुद्धिमानी यह की कि पलटने के पहले छोड़ दिया। पलटने के बाद भी किसी के द्वारा निकल ही जाती, लेकिन बहुत टूट जाती, चोट लग जाती।
तो अब देखना है कि आप किस स्थिति में गुरु के पास आए हो — फंसे हो, या अपने आप को पलट दिया है, टूट-टाट गए हो? अभी गाड़ी केवल फंसी थी, थोड़ी सहायता से निकल गई और अब खुद चलने लगी। अब वह खुद सक्षम है, किसी छोटी गाड़ी को भी निकाल सकती है, उसमें पावर है। लेकिन अगर पलट गई होती, टूट गई होती, तो निकल तो जाती, पर रिपेयर कराना पड़ता — बहुत ऊर्जा लगती, पैसे लगते। तो देखना है कि मैंने अपने आप को कितना उलझा-फंसा लिया है। अब मुझे निकलना है, तो गुरु का सहारा लेकर मैं निकल सकता हूं।
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वीडियो: उद्धार के लिए क्या करें ? #योगी · 2026-09-29