प्रश्नोत्तर P10-0180 · भाग 10
गुरु जी, अगर शिष्य पूर्ण रूप से गुरु की आज्ञा में हो, तो कब तक शिष्य आत्मज्ञान प्राप्त कर सकता है?
जब उसका राग और द्वेष पूरी तरह छूट जाएगा। गुरु की आज्ञा में रहने का मतलब है कि आगे का राग-द्वेष ना बने। अब पीछे उसने कितने लोगों से राग-द्वेष बनाया है — जब उससे पूरी तरह छूट जाएगा, तब उसे उपलब्धि हो जाएगी। यहां जितना भी नियम बनाया गया है, आपके लाभ के लिए है; नियम बिना कल्याण नहीं होगा, नियम में सधना ही पड़ेगा।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 8 मार्च 2026 #योगी · 2026-03-08