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प्रश्नोत्तर P10-0185 · भाग 10

गुरु जी, क्या हमें भी चार धाम, 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन जरूरी हैं?

अगर आपको मार्ग मिल गया और आपके पास समय है, तो भ्रमण भी करना चाहिए। भ्रमण करने से अपनी समझ विकसित होती है, क्योंकि हर जगह लोग अलग-अलग तरीके से जीते हैं; कभी भूख का सामना करना पड़ेगा, कभी रास्ता नहीं मिलेगा — तो हमारे अंदर मानवता जगती है। लेकिन भ्रमण समझने के लिए करें, बस व्यवस्थाओं का उपयोग करने के लिए नहीं कि दो महीना यहां रहे, एक महीना वहां। किसी से बात करें तो सीखने के लिए, समझने के लिए। जैसे यह नदी है — एक व्यक्ति इसमें स्नान करके प्रणाम करता है, एक इसका जल पीकर प्यास बुझाता है, एक इसमें कचरा फेंकता है, एक इसमें से मछली मारकर खा रहा है, और एक उसी जीव को खिलाकर अपना आत्मिक कल्याण चाहता है। नदी एक ही है; आपको क्या सीखना है, वह देख लीजिए। एक ही स्कूल से कोई डॉक्टर, कोई इंजीनियर, कोई कलेक्टर बनता है, कोई आवारा हो जाता है। दत्तात्रेय भगवान ने 24 गुरु माने, बनाए नहीं — घटना को देखते हुए ज्ञान लिया। आप में सीखने की क्षमता होनी चाहिए।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 8 मार्च 2026 #योगी · 2026-03-08