आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P11-0027 · भाग 11

मैं आपको सुन रहा हूं, पर 100% वर्तमान में नहीं हूं; आपके शब्दों को दिमाग अपने हिसाब से प्रोसेस करता रहता है। जब शांत होने की कोशिश करता हूं तो एकदम जीरो हो जाता हूं, फिर काम करने में दिक्कत होती है। मन हमेशा प्रतिक्रिया मोड में ही क्यों रहता है?

आप सत्संग सुनो, उन शब्दों को अपनाओ, उसमें जियो, परिणाम आएगा। परिणाम तुम अपने तरीके से मत चाहो, नहीं तो परेशान हो जाओगे। तुम सोच रहे हो कि मैं यहीं हूं तो कहीं विचार ना आए — वह आएगा, आने दो। आप यहां की बातें समझो। हमें किसी में नहीं जीना है, मुझे अपने आप में होना है। जहां विचार जा रहा है, जाने दो; रोकने का प्रयास कभी मत करना। अभी एक ही महीना हुआ है; और सुनो, बारीकी से समझो — हमें तो प्रत्यक्ष ज्ञान को खोजने में ही कितने साल लग गए।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 22 फरवरी 2026 #योगी · 2026-02-22