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प्रश्नोत्तर P11-0066 · भाग 11

यह मार्ग हमने पहली बार देखा है — कुछ करना ही नहीं, बस खाओ, लेटो, किसी से बात नहीं करनी। इसमें इंतजार करना सबसे मुश्किल लगता है। क्या इसी में कल्याण है?

पड़े रहने में ही आपका कल्याण है। और उस पड़े रहने में चिंतन करो; चिंता ना हो। चिंता हो, तो गुरु के समक्ष अपनी बात रखो, लेकिन गुरु का इंतजार करो। गलती यह है कि गुरु को हम अपने तरीके से बुलवाना चाहते हैं। काश गुरु तुमसे खुद बोले — वह दिन लाओ; ऐसे जिज्ञासु बनो कि वह खुद आपके पास आए।

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वीडियो: 18 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2026-01-18