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प्रश्नोत्तर P13-0024 · भाग 13

गुरु जी, एक सुबह आंख खुलते ही पहला ख्याल यह आया कि अगर मैं सुबह उठता ही नहीं, तो मेरा मानव जीवन का मकसद बेकार हो जाता।

नहीं। अगर आप योग में हो — उठो या न उठो — तो अगला शरीर मानव का मिलेगा। जब तक जीवन में योग है, तब तक मानव शरीर मिलता रहेगा; और जीवन में सिर्फ भोग है, तो फिर भोग शरीर मिल जाएगा।

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