प्रश्नोत्तर P13-0033 · भाग 13
(एक बुजुर्ग माता जी के परिवार ने पूछा) माता जी ने 40 साल से भी ऊपर नाम रटा, माला फेरी, फिर भी कहती हैं मेरी भक्ति पूरी नहीं हुई। क्या नाम लेने से पार उतर जाएंगी?
यह तो जैसा-जैसा कर्म किया है जीवन में, वहां पहुंच जाएगी। अच्छे कर्म किए होंगे तो अच्छा मिलेगा; बुरे किए होंगे तो वो भोगने पड़ेंगे। कोई सीमा पार करनी है, तो गलत काम करके जाओगे तो सीमा पार नहीं करने दिया जाएगा, चाहे जिसका भी नाम लो। और तूने सही काम किया है, गलत काम नहीं किया है, तो सीमा पे तुझे कोई रोक ही नहीं सकता — नाम लेने की ज़रूरत ही नहीं है। खोटे काम करके सीमा पे जाकर राम का नाम बताएगी, तो थोड़ी न सीमा पार हो जाएगी? और तू सही काम की होगी तो किसी के नाम की जरूरत नहीं; तूने क्या किया है, उससे सीमा पार होगी। अब तूने परोपकार किया कि नहीं, सत्कर्म किया कि नहीं — अगर बेईमानी की होगी तो सीमा पार नहीं जाएगी, और ईमानदारी-सत्कर्म से जी होगी तो सीमा पार हो जाएगी। बेईमानी की होगी तो भुगतना पड़ेगा। बस, नाम का कोई मतलब नहीं है।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: इतने उम्र में भी उत्साहित है योगी जी के लिए #योगी · 2026-08-30