प्रश्नोत्तर P13-0184 · भाग 13
गुरु जी, ऑफिस में सबको अपना-अपना काम दिया जाता है और हमें दिखता है कि कौन अपना काम नहीं कर रहा। अंदर से मानसिक क्रोध आता है, पर कॉर्पोरेट कल्चर में दिखा नहीं सकते। उस स्थिति में हम उस व्यक्ति के साथ प्रेम से कैसे रहें? और शिकायत करें तो इंक्वायरी में भी बहुत पक्षपात होता है।
आप अपना काम करिए — जिस तरीके से आप काम कर सकते हैं, उस पद वाला काम करो। आपको गुस्सा करने की जरूरत नहीं है। एक बार उन्हें सचेत करिए; अगर दोबारा नहीं मानते हैं, तो आपसे जो सीनियर हैं वहां शिकायत भेज दीजिए — ऐसा-ऐसा बात है — इंक्वायरी होगी, बात खत्म। आपको बोलने की भी जरूरत नहीं है, सीधी सी बात है। इंक्वायरी में पक्षपात हो रहा है, कोई बात नहीं। अगर वो झूठ को सच सिद्ध कर सकता है और आप सच को सच सिद्ध नहीं कर सकते, तो फिर आप वहां ना रहें, ज्यादा अच्छा है। खुद का काम करो ना — ऐसा कि कोई निकाल ही ना पाए।
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वीडियो: प्रेम और आनंद में कैसे रहें ? - aadhyatmik pratyaksh gyan Yogi #livesatsang · 2025-04-20