प्रश्नोत्तर P13-0193 · भाग 13
गुरु जी, चरणों की इतनी महिमा क्यों है?
चरणों की तो महिमा है। पर जहां हम खड़े हैं, वहां तो "चाहिए" में ही पैर छुए जाएंगे। अगर वो उस स्थिति में हो जाएगा, तो पैर क्यों छुएगा? आत्मिक भाव में, बस उसी में पैर छूना चाहिए — कुछ नहीं चाहिए में। अंदर से भले मुश्किल हो, उस चरण को पकड़कर भाव बनाइए कि कुछ नहीं चाहिए। क्योंकि अगर आपने "चाहिए" का भाव बनाके उसके चरण को छुआ, तो ऊर्जा तो है ही, आपको मिलेगी — और आप गिर जाओगे, उसमें वो भी कुछ नहीं कर सकता। जो भाव आपने बनाया, वही रिसीव होगा। और अगर आपने "कुछ नहीं चाहिए" में पांव छुआ, तो ये आपके स्तर को उठा देगा। ये भाव बनाना होगा, ये भाव आपको पैदा करना होगा।
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वीडियो: प्रेम और आनंद में कैसे रहें ? - aadhyatmik pratyaksh gyan Yogi #livesatsang · 2025-04-20