प्रश्नोत्तर P14-0134 · भाग 14
आपने अपनी बहन के बारे में अशुद्धि-शुद्धि वाली बात कैसे समझाई थी?
उसका कहना था कि मैं भोजन नहीं बनाऊँगी, बालक या उसका पति बना देगा, मैं इतने दिन बाद बनाऊँगी। तो मैं समझ गया। हमने कह दिया कि तेरी अशुद्धि में अगर इतनी ताकत है कि मेरी साधना भंग हो जाए, तो मुझे ऐसी साधना चाहिए भी नहीं; तब तो तेरी अशुद्धि ज्यादा ताकतवर है। साधना में इतनी ताकत होनी चाहिए कि तेरी अशुद्धि को भी शुद्ध कर दे। फिर मैंने कहा कि तू मेरे लिए शुद्ध थी, शुद्ध है, शुद्ध रहेगी, भोजन बना। मुझे इन सबसे कोई फर्क नहीं है। मैं अपना काम कर रहा हूँ; उस काम में कोई भी आ जाए, राजा हो या फकीर, मैं उसे सन्मार्ग बताऊँगा, क्योंकि सब यहाँ कर्म से है, कर्म हटा दो तो कोई कुछ भी नहीं है।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: कर्ता कौन है, अकर्ता कौन है ?| Who is the Doer ? Who is the Non-Doer ? #yogijikasatsang · 2026-05-18