प्रश्नोत्तर P14-0188 · भाग 14
अध्यात्म के क्षेत्र में जो बीज (अनुभव) मिलते जाएँ, उन्हें दबाना जरूरी है या ऊपर डाल दिया जाए?
अध्यात्म में जो भी अनुभव मिलता है, समझ के निकलना है; पकड़ना कुछ नहीं, और छोड़ना भी नहीं — उपयोग करना है और निकल लेना है। आखिर में तो शरीर छोड़ के जाना ही है। चाहे भोग के जाओ, चाहे खोज के जाओ, जाना तो हर स्थिति में है। भोग वाला परिणाम तो पता है, बार-बार देख लिया; तो एक बार रिस्क ले लो, खोज के जाओ।
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