आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P15-0092 · भाग 15

बुद्धि की परम स्थिति चैतन्यता है, उसके बाद आत्मा शुरू होती है — क्या ऐसा है?

आत्मा को समझने के लिए ना बुद्धि की जरूरत है, ना कुछ की। जीव ही अपनी समझ बढ़ाता है, क्योंकि पीछे आत्मा है; और वो अपने स्व तक पहुँचने के लिए अपनी समझ बढ़ाकर अपना ही नाश करता है। अपनी समझ बढ़ा के जीव को समझ में आ जाता है कि मैं जब तक जीव रहूँगा तब तक अपूर्ण रहूँगा, तो वो अपना ही नाश करता है।

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वीडियो: इतनी पूजा पाठ भक्ति करते हैं लेकिन दुख क्यों आते हैं ? #प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #आध्यात्म · 2026-08-10