आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P15-0122 · भाग 15

गुरु जी, जैसे मैं मन के द्वारा कंप्यूटर में सही फाइल खुलवाऊं — सही जगह क्लिक हो — उसके लिए क्या साधना या क्या विधि है?

सही क्लिक हो, तो बस उसके लिए सही कर्म करो — ईमानदारी और सत्कर्म। धीरे-धीरे उसके द्वारा आप निर्विकार होते जाएंगे; गंदगी निकलती जाएगी और सत्कर्म के द्वारा अच्छाई भरती जाएगी। एक तरफ से डिलीट होता जाएगा, एक तरफ से भरता जाएगा। भाई, फाइल में जो है वही खुलेगा ना — आपने जितना लोड किया है, अपलोड किया है, डाउनलोड किया है, वही सब खुलेंगे। जितने फोटो खींचे हो वही दृश्य आने वाले हैं। सुनना, देखना, सूंघना, स्वाद, स्पर्श — ये सब कैमरा ही तो हैं; हर समय हमारा कैमरा चालू है, हर समय हम जानकारी इकट्ठी कर रहे हैं। और शरीर पूरा मशीन की तरह है; कभी कुछ खराबी हो जाए तो जानकारी अंदर से निकलती ही नहीं — मुंह पे आके रह जाती है, फिर एक-दो घंटे या एक-आध दिन बाद फट से याद आ जाता है।

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वीडियो: हमारी स्मृतियां कब संस्कार बनती हैं ?#प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-11