प्रश्नोत्तर P15-0153 · भाग 15
गुरु जी, क्या समाज के कल्याण में आत्मा का कल्याण छिपा है, या पहले आत्म-कल्याण आता है, फिर बाद में समाज, राष्ट्र और विश्व कल्याण?
सर्वप्रथम पहले आप आत्म-कल्याण करेंगे, तभी आप समाज-कल्याण कर पाएंगे। जैसे आपको किसी को शिक्षा देनी है, तो जब आप शिक्षित होंगे तभी ना शिक्षा दे पाएंगे; और शिक्षित होने के लिए आपको कई वर्ष लगाने पड़ेंगे। वैसे ही जब आप अपना कल्याण कर पाएंगे, तभी आप किसी के कल्याण के लायक बन सकते हैं। जब आपका ही कल्याण आप नहीं कर पाएंगे, तो दूसरों के लिए कैसे समझेंगे कि ये करने से इसका कल्याण होगा?
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वीडियो: हमारी स्मृतियां कब संस्कार बनती हैं ?#प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-11