प्रश्नोत्तर P15-0165 · भाग 15
गुरु जी, क्या मंदिर में पैसा चढ़ाने पर पाप तो नहीं लगता?
मंदिर में पैसा नहीं चढ़ाओगे, तो वहां की व्यवस्थाएं कैसे चलेंगी? या तो जाओ मत। अगर उस व्यवस्था का उपयोग कर रहे हो और पैसा नहीं चढ़ाओगे, तो वहां की लाइट, खर्च, आदमी लगे हैं — कहां से चलेगा? रोज आदमी सुबह-शाम वहां धुलाई कर रहा है, पोछा मार रहा है, उसके भी तो परिवार हैं। कहना तो बड़ा आसान है। या तो उस व्यवस्था का उपयोग मत करिए; उपयोग करिए तो उसका दीजिए — ना पाप के लिए दीजिए, ना पुण्य के लिए; इतना तो दीजिए कि वहां की व्यवस्था चले।
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वीडियो: हमारी स्मृतियां कब संस्कार बनती हैं ?#प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-11