प्रश्नोत्तर P15-0197 · भाग 15
इनका तो सौभाग्य है कि आप मिले — आपका क्या है?
अगर ये बताए हुए सतमार्ग पे चल रहे हैं तो मेरा भी सौभाग्य है, और नहीं चल रहे हैं तो मेरा दुर्भाग्य है। मैं दुर्भाग्य-सौभाग्य से परे हूं, लेकिन फिर भी व्यवहार में बोल रहा हूं। मैं सुबह से रात तक मेहनत करता हूं कि आप में बदलाव आए। अगर इतनी मेहनत, इतना तामझाम करके भी आप नहीं चल रहे, तो यह दुर्भाग्य है। एक व्यक्ति अगर 12 साल एक कपड़े में घूम ले — 25 से 40 तक, जीवन का मलाई पीरियड — तो उसे कुटिया बनाने की जरूरत ही नहीं। यह कुटिया, ये सब व्यवस्थाएं आप लोगों के लिए हैं। आप इनका सदुपयोग ना कर पाओ तो दुर्भाग्य मेरा नहीं, आपका है।
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वीडियो: कोई प्रश्न ना होने के बाद कौन सा प्रश्न होना चाहिए ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-16