प्रश्नोत्तर P16-0137 · भाग 16
(एक फकीर बाबा, जो घर छोड़कर नर्मदा तट पर बैठे हैं:) उसने कहा था फकीर बनकर आ जा, तब मिलूंगा। मैं सब छोड़कर फकीर बन गया, फिर भी वह नहीं मिला। फकीर कैसे बनूं?
फकीर बने या फकीर का मतलब समझे? फकीर का मतलब — जो अपनी लकीर को मिटा दे; जो जन्म और मरण से मुक्त हो जाए, वह फकीर है। पहले फकीर तो बनो। उसके लिए विकार छोड़ना पड़ेगा। कुछ करके संसार मिलता है; वह तो बिना कुछ किए मिलता है। बस कुछ करना बंद कर दो, अपने आप में हो जाओ — कुछ मत करो, प्रत्यक्ष हो जाएगा। अभी झोली तो छूट नहीं रही। सब छोड़ दो उसके लिए — बीड़ी, चिलम, खाना-पीना, चलना-उठना-बैठना, बातचीत, सब — तब बने फकीर। फकीर का मतलब ही है जिसने अपनी लकीर को मिटा दिया।
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वीडियो: कुछ बातें कुछ यादें कुछ सत्संग / #बातें #यादें #सत्संग · 2024-01-14