आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P16-0181 · भाग 16

तो क्या इसका मतलब यह समझें कि अगर कोई कह रहा है कि यह मेरा शोषण कर रहा है, तो वह भी शोषण करवा रहा है?

वो करवा रहा है, लेकिन वो भी कर रहा है — वो बता नहीं रहा है। मैंने एक उदाहरण दिया, इस उदाहरण को पकड़ लो — मां-बच्चे का, और इंसान में नहीं जानवर में भी देख लो। बचपन से देखा है कि गाय बछड़े को दूध पिला रही है; अगर दूध नहीं है तो बछड़ा छोड़ देता है, और अगर स्तन कटा है, दूध है, तो गाय अपने ही बछड़े को लात मार देती है। कहने का मतलब, लेन-देन अगर हो रहा है तो दोनों को कुछ मिला; अगर एक को नहीं मिलेगा तो वह रहने ही नहीं देगा। जीव अगर दे रहा है तो ले रहा है। और यहां यह जरूर ध्यान रखना है कि अगर उसने मुझे लात मारी है — मां कोई भी हो सकती है, प्रेमी, प्रेमिका, समूह — तो ना मुझे उसका वेट करना है और ना मुझे दूसरे पे शिफ्ट होना है, क्योंकि दूसरे पे शिफ्ट होगा तो वही परिणाम आना है, वही लात मारेगा। मुझे खुद आत्मनिर्भर बनना है, सामर्थ्यवान बनना है। इसलिए मैं कहता हूं कि गिड़गिड़ाना बंद करो, सामर्थ्यवान बनो, ताकतवर बनो। लेकिन वो ताकत ईमानदारी से होनी चाहिए — ताकतवर आदमी समाज में बेईमानी से भी बन जाता है।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: खुद को जांच ने का तरीका #योगी · 2026-02-20