प्रश्नोत्तर P17-0115 · भाग 17
गुरु जी, अब तक भटकाव हुआ, अब आगे ना हो — आप ऐसा कर दीजिए कि आना-जाना ही बंद हो जाए, हमें बंधन में ले लीजिए।
अब तक गए क्यों? जाना आपके बस में था, तो रुकना भी आपके बस में था। आने वाले भी आप, जाने वाले भी आप — कोई किसी को नहीं बुला रहा, कोई किसी को नहीं भेज रहा। अगर मैं कर सकता तो पहली बार ही नहीं जाने देता। हम किसी को रोक नहीं सकते, हम तुम्हारी स्वतंत्रता छीनना नहीं चाहते — स्वतंत्रता का अधिकार आपको दिया गया है।
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वीडियो: अद्भुत सत्संग ईश्वरी कृपा एकाकार / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-21