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प्रश्नोत्तर P17-0166 · भाग 17

गुरु जी, क्या आत्मज्ञान और वैराग्य न जंगल जाने से होता है, न चोला धारण करने से — सच्चा वैराग्य स्वयं भीतर ही उत्पन्न होता है?

हां, पर ऐसा भी नहीं है। वैराग्य तो जिस स्थिति में व्यक्ति रह रहा है, उसी स्थिति में होगा। पर उससे मुक्त होने के लिए उसके लिए कौन सी जगह ठीक पड़ेगी, यह अलग बात है — हो सकता है कोई घर में मुक्त न हो पाए और उसके लिए जंगल जाए। जैसे कोई सामान घर पर मंगा लेता है और कोई बाजार जाकर लाता है — जिसने बाजार जाकर लाया, ऐसा नहीं कि घर पर सामान नहीं आता, पर उसकी वैसी कैपेसिटी नहीं थी। तो अपनी कैपेसिटी देखो और जहां ठीक हो वहां जाकर अपनी उपलब्धि करा लो।

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वीडियो: मूल से मेरा हटना कैसे हुआ ? रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2025-12-21