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प्रश्नोत्तर P18-0027 · भाग 18

गुरु जी, "कुछ नहीं" की स्थिति में पहुंचने पर परमात्मा कैसे दिखता है — वह हमसे पीछे क्यों रह गया?

"कुछ नहीं" में आप होते हो, और आप हो तो वह है। हमने सबको आगे और उसे सबसे पीछे खड़ा किया — उससे वादा किया कि पहले सब, बाद में तू; और उसने वही किया, क्योंकि वह न देता है न लेता है, और हम लेनदेन में आ गए तो लेनदेन वालों को आगे कर दिया। अब लेनदेन से थककर उसकी जरूरत लग रही है, पर भीड़ नहीं छोड़ रही, क्योंकि आपने उन्हें आदत डाल दी। जब आप "कुछ नहीं चाहिए" की स्थिति में आ जाओगे तो सब एक-एक करके छोड़कर चले जाएंगे, और वह कहीं भी खड़ा दिख जाएगा, भीड़ में भी। पहले रिक्त तो हो — पात्र एक है, उसमें माया और उसे दोनों को नहीं रख सकते।

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वीडियो: योगीजी की आत्मकथा अज्ञान से ज्ञान तक खोज में कुछ अनुभव की बातें ! #yogijikasatsang #pratyakshgyan · 2024-08-25