प्रश्नोत्तर P18-0029 · भाग 18
गुरु जी, "मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः" — मन ही बंधन और मोक्ष का कारण है। मन पर इंद्रियजीत कैसे हों — क्या प्रैक्टिस से अनुशासन बने कि मन बाधक न बने?
प्रैक्टिस करेंगे तो एक आदत बन जाएगी, फिर उस नई आदत में जीने लगोगे; नई आदत बहुत अच्छी लगती है, पर बाद में वही हाल होता है। सीधा-सरल मार्ग बताऊं — अगर पूरी तरह रुक जाना चाहते हो तो "कुछ नहीं चाहिए", बस बात खत्म। यह भाव पूर्णतः अपने अंदर खड़ा कर दो — शुरुआत भी इसी से करो, आखिरी भी यही होगा।
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वीडियो: योगीजी की आत्मकथा अज्ञान से ज्ञान तक खोज में कुछ अनुभव की बातें ! #yogijikasatsang #pratyakshgyan · 2024-08-25