आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P18-0123 · भाग 18

गुरु जी, आपके अंदर प्रेम है तो आप किसी को मना नहीं करते, अपने भोजन का समय भी दे देते हैं — अगर आपको अपने किसी प्रिय साधक को ना कहना हो तो कैसे कहेंगे?

मैं तो ना नहीं कह पाता; ना में तो मैं जीता ही नहीं — शरीर गिर सकता है, बस इससे ज्यादा नहीं। जब तक किसी की जिज्ञासा है, तब तक मैं उसे ना नहीं कह सकता। हां, अगर वह ऐसी बातें कर रहा है जिनका उसके जीवन में कोई मतलब नहीं, तो फिर मैं ऐसी बातें कहूंगा कि वह खुद ना कहेगा और चला जाएगा।

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वीडियो: जब मैं छोटे दायरे को तोड़ा ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-12-22