प्रश्नोत्तर P18-0190 · भाग 18
गुरु जी, जब हम गलत करते हैं तो अंदर टीस क्यों उठती है? क्या अंतरात्मा रोकती है?
जब-जब आप गलत करने जाते हो, अंतरात्मा रोकती है — तुरंत अंदर से हिंट आता है "मत करो", और आप कहते हो "बच जाएंगे"। अगर यह टीस न होती तो सजा भी नहीं मिलती — पागल को या एक साल के अबोध बालक को कोई सजा नहीं, पर 20-40 साल का समझदार वही करे तो सजा मिलती है। आपने हर बार लालच और कामनाओं में आकर उसे दबाया है — जीवन जीने या पेट भरने के लिए नहीं, सोसाइटी मेंटेन करने के लिए: पकवान, एसी, लग्जरी कार, ब्रांडेड कपड़े चाहिए। जीवन जीने के लिए कोई भ्रष्ट नहीं होता; सोसाइटी आगे हो गई और जीवन पीछे। बचाने के आश्वासन देने वाले बैठे हैं — "यह उपाय कर लो, छूट जाओगे" — पर जिनके नाम से आश्वासन दे रहे वे खुद भोग के गए। अंतरात्मा ने मना किया फिर भी किया, तो करो तो भोगो।
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वीडियो: स्वाभाविक आत्मा का गुण क्या है / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-29