प्रश्नोत्तर P19-0021 · भाग 19
गुरु जी, आप आत्मज्ञान को उदाहरणों से समझाते हैं, पर उदाहरण भी संसार से, मन की स्मृति से आते हैं, वे तो सिर्फ तर्क और विचार हैं, सत्य नहीं — फिर उनसे आत्मज्ञान कैसे?
एकदम सही, तर्क विचार हैं, विचार सत्य नहीं। पर प्यास लगी, पानी पिया, प्यास बुझ गई — पानी अपनी जगह चला जाएगा, लेकिन प्यास तो बुझ गई। प्यास बाहर से लगी है तो पानी भी बाहर से ही देना पड़ेगा। वैसे ही यह तर्क, यह उदाहरण आपको सत्य तक लेकर जाएगा, बाद में यह भी खत्म हो जाएगा। सारे महापुरुषों ने भी समाज के ही उदाहरण लेकर समझाया। अनुभव करते-करते जब अनुभव करने वाला ही बचता है, वह सत्य है — अनुभव से मुक्त हो जाना है।
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वीडियो: स्वाभाविक आत्मा का गुण क्या है / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-29