आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P19-0038 · भाग 19

गुरु जी, कबीर साहब ने कहा "मन मरा ना माया मरी, मर मर गया शरीर; आशा तृष्णा ना मरी" — यानी मन नहीं मरेगा तब तक विकार नहीं जाएंगे। आप कहते हैं मन है — तो क्या ज्ञान के बाद मन कमजोर हो जाता है?

हमने कब कहा मन मरेगा? मन नहीं होता तो मैं आप लोगों से बात कैसे करता? ज्ञान के बाद मन कमजोर नहीं, और मजबूत होता है — जहां लगाना है वहां लगेगा, फिर वह नौकर बन जाता है। पहले भी था, पर तुमने उसे कामनाओं में रखा था। मन तो अभी भी पवित्र है — कंप्यूटर पर चाहे जैसा वीडियो देखो, एरो कभी गंदा नहीं होगा, गंदे आप होगे।

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वीडियो: स्वाभाविक आत्मा का गुण क्या है / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-29