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प्रश्नोत्तर P19-0047 · भाग 19

गुरु जी, "सातवें आसमान पर खुदा है" — इसका क्या मतलब है? और अगर परमात्मा सर्वव्यापी है तो दिखता क्यों नहीं, खोजने को क्यों कहते हैं?

वह इस जगत के पार है — पहले इस जगत को पार करो। सातवें पर जाओगे तो पता चल जाएगा है या नहीं; किसी के कहने भर से मान लेना अंधविश्वास है — आपके पास रास्ता क्या है? एक तरफ कहते हैं हर जगह है, सर्वव्यापी है, दूसरी तरफ कहते हैं खोजो — हर जगह होता तो हर कण को जेब में रख लेते, चूमते। हर कण उससे है, उसमें वह नहीं — जैसे बल्ब से उजाला निकलता है, उजाले में बल्ब नहीं; पर उजाले को माध्यम बनाकर बल्ब तक पहुंचा जा सकता है, वैसे ही इस जगत को माध्यम बनाकर परमात्मा तक पहुंचा जा सकता है। ये सब घुमाने वाली बातें हैं, गहराई से समझो और निकलो।

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वीडियो: स्वाभाविक आत्मा का गुण क्या है / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-29