प्रश्नोत्तर P19-0146 · भाग 19
गुरु जी, क्या आत्म दर्शन में शब्द रहते हैं?
नहीं, शब्द तो खत्म हो जाते हैं — शब्द तो किसी और के लिए, बाहर के लिए होते हैं। आत्म दर्शन का मतलब है वही रह जाता है, बस बात खत्म। इस भ्रम में मत रहना कि वहां किसी का दर्शन होता है — कि दर्शन करने वाला अलग और जिसका दर्शन हो रहा है वह अलग, कोई आत्मा दिखेगी, सब सफेद हो जाएगा। ऐसा कुछ नहीं है; दर्शन से मुक्त हो जाता है, कोई छवि नहीं रहती, स्वयं ही रहता है। जब होगा तो बस हंसी आएगी कि हम क्या-क्या समझे बैठे थे।
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वीडियो: भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है ?#yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-07-19