प्रश्नोत्तर P19-0148 · भाग 19
गुरु जी, साक्षी भाव या दृष्टा भाव की साधना तो प्रयास हुआ; शुरुआत में तो हर साधक को प्रयास ही करना पड़ता है ना?
जीवन में अगर आपने ईमानदारी और सत्कर्म अपना लिए, तो आप कुछ भी करोगे वह साधना बन जाएगा — यही मैं बता रहा हूं। मूल मंत्र को पकड़ लो — ईमानदारी और सत्कर्म; फिर कुछ भी करोगे, साधना हो जाएगी। यह नहीं पकड़ोगे तो कुछ भी करो, उस ऊर्जा का क्या करोगे — खर्च तो करोगे, फिर कहां लगाओगे?
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वीडियो: भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है ?#yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-07-19