प्रश्नोत्तर P20-0055 · भाग 20
गुरु जी, सत्संग की बातें सुनने के बाद आत्म-अनुभूति कैसे होगी?
अप्लाई करेंगे तभी अनुभव से आत्म-अनुभूति होगी; जब तक उसमें जिएंगे नहीं, सुनने का कोई मतलब नहीं। मैं उसमें जिया हूं इसलिए बोलता हूं — आप करो, आपके साथ भी होगा। चींटी काटी तो मुझे दर्द हुआ, तो पक्का बोल सकता हूं आपको भी होगा; कोई जल्दी, कोई देर में चिल्लाता है। जीवन में उतारो, जियो — उचित तरीके से जीना ही साधना है।
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वीडियो: ब्रह्म जीव और माया में क्या भेद है ? #yogijikasatsang #aadhyatmik_satsang #livesatsang #gyan · 2024-12-26