आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P21-0167 · भाग 21

गुरु जी, हॉस्पिटल में बीमार आदमी को पहुंचाते हैं और पता चल जाता है कि अब बचेगा नहीं, फिर भी अंत तक ट्रीटमेंट देना पड़ता है — क्या ये ठीक है? उस वक्त हम ट्रीटमेंट करते रहें या छोड़ें, कैसे डिसीजन लें?

वो एक अनुमान है परिस्थिति देखकर — ऐसा भी केस होता है कि आपको लगा नहीं बचेगा, लेकिन बच गया; पक्का है ही नहीं। तो हमें तब तक प्रयास करना है जब तक परिणाम नहीं आया — या तो बच जाए या तो मर जाए। मुझे गड्ढा तब तक खोदना है जब तक पानी ना आ जाए। अपने अनुभव से मैंने देख लिया कि ये नहीं बचेगा — लेकिन क्या आपका अनुभव कभी 100% पक्का निकला? नहीं ना। इसलिए तब तक प्रयास करना है जब तक परिणाम ना आ जाए।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: मैं कहां हूं ? कर्नाटक कलबुरगी में पुनः सत्संग 5 जुलाई 2026 #योगी · 2026-07-06