प्रश्नोत्तर P22-0021 · भाग 22
महात्मा जी, मैं जब भी परमात्मा का नाम जप करता हूं या ध्यान में होता हूं तो मुझे अपने गुरु के प्रति बुरे विचार आते हैं; ऐसा बार-बार होता है। ऐसा क्यों होता है? मैं इससे मुक्त होना चाहता हूं।
कोई बात नहीं, ईमानदारी-सत्कर्म करो। विचार आ रहे हैं, आने दो — उसके जिम्मेदार आप नहीं हो; लेकिन शरीर से कोई प्रतिक्रिया मत दो।
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वीडियो: जिंदगी में दुख है तो जीना क्यों है ? #योगीजी_का_सत्संग · 2025-03-05