प्रश्नोत्तर P22-0031 · भाग 22
गुरु जी, जिन महापुरुषों ने ब्रह्मानंद पाया, क्या वे वृद्धावस्था और बीमारी से होने वाली पीड़ा से मुक्त हो पाए?
एकदम — वे उसमें थे ही नहीं, लिप्त थे ही नहीं; उनका शरीर बीमार था। उम्मीद छोड़कर — अगर आपको उम्मीद नहीं है तो आपको दर्द नहीं हो सकता, और उम्मीद है तो दर्द होगा ही होगा। अगर आप उम्मीद से मुक्त हो गए तो आपको दुख हो ही नहीं सकता; आप पैदा भी करना चाहोगे तो नहीं होगा, आपको हंसी आएगी; आपका शरीर सड़ेगा तो भी आपको दुख नहीं होगा, दुख छू भी नहीं सकता। और उम्मीद है तो होगा ही होगा। स्वस्थ रहने की उम्मीद क्यों रखे हो? स्वस्थ रहने के लिए जीवन जियो, लेकिन उम्मीद क्यों बना के रखी है?
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: माया को सस्ती क्यों कर देती है ब्रह्म की मस्ती ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2025-04-21