प्रश्नोत्तर P22-0165 · भाग 22
गुरु जी, ध्यान के बारे में मेरा प्रश्न है — जैसे गौतम बुद्ध ने ध्यान की विधि की और उस विधि से तर गए; और बैठते हैं तो विचार ही चलते रहते हैं।
आप भी उस विधि से तर जाइए, विलंब क्यों कर रहे हो? अगर उस विधि से नहीं हो रहा और ये तरीका आसान लग रहा है, अच्छा लगे, तो ये अपना लीजिए; वह अच्छा लगे तो वह अपनाकर आगे बढ़ जाइए। बैठे हैं और विचार चल रहे हैं, तो विचार चलते रहेंगे — बस उन्हें देखते रहिए। आपके ही किए गए कर्म के विचार हैं, और किसके हैं?
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वीडियो: हमारे अंदर कितनी अच्छाई है उतनी ही बुराई है क्या ? #livesatsang #yogiji_ka_satsang · 2025-04-19