प्रश्नोत्तर P23-0021 · भाग 23
महाराज जी, जानना कैसे जानना चाहिए? कृपया प्रकाश डालकर हम सभी को कृतार्थ करें।
जानना नहीं — जानते-जानते जानने से भी मुक्त होना है, क्योंकि जब तक जानते रहोगे, तब तक बाहर हो। जानना इतना है कि जानना कुछ नहीं। अब या तो इतने से समझ लो, या तो जानते-जानते फिर समझ में आएगा। क्योंकि जब तक जानोगे, जिसे जाना जा रहा है और जानने वाला — ये दोनों अलग हैं। तो जानने से अगर आप मुक्त हो गए, जानने को कुछ नहीं बचा, तो कौन बचेगा? जानने वाला। बात खत्म — बहुत आसान है। क्या है जानने के लिए, बताइए? क्या यह पत्ता — पहले पत्ता था? नहीं। बाद में पत्ता रहेगा? नहीं। तो क्या जानोगे, क्या जान लोगे इस दुनिया में? जानने के लिए दुनिया में कुछ नहीं है, तो काहे को जानना चाहते हो? उपयोग करो, निकल लो, सीधी सी बात। 'मेरा' बनाने के चक्कर में फंस गए। अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरत में उपयोग करके निकलना था, लेकिन आपने लूटपाट चालू किया — मेरा, मेरा, मेरा।
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वीडियो: दर्शन से हमें क्या सीखना है ? #livesatsang #yogi Ji ka satsang · 2025-03-13