प्रश्नोत्तर P23-0028 · भाग 23
गुरुदेव, आपका कथन सही है कि व्यक्ति कामनाओं, मोह और उनके बंधनों में फंसा हुआ है। तो जो व्यक्ति दिन भर ईमानदारी से मजदूरी करके अपने परिवार का पेट भरता है, क्या वह मुक्त है, या कुछ और मार्गदर्शन करें?
अब देखो, अगर ईमानदारी से कर रहा है तो मुक्त तो है; पिछला तब हटेगा जब वह सत्कर्म भी करेगा। दोनों जरूरी हैं।
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वीडियो: दर्शन से हमें क्या सीखना है ? #livesatsang #yogi Ji ka satsang · 2025-03-13