प्रश्नोत्तर P23-0038 · भाग 23
गुरु जी, शरीर के नौ दरवाजे कौन से हैं? विस्तार से बताइए।
दो कान, दो आंख, दो नाक, एक मुंह, एक लिंग, एक गुदा। जब नौ दरवाजों में हाथ लगाओ तो हाथ धो लेना चाहिए। इससे सचेतता बढ़ती है, एकाग्रता बढ़ती है — यह बहुत जरूरी है। अगर आपने भगवद्गीता का अध्ययन किया होगा, उसमें बोला भी गया है कि बाहर की स्वच्छता से आंतरिक स्वच्छता होती है। अब ऐसे लोग आते हैं — बाथरूम वहां करेंगे और मटके पर जाकर हाथ धोते हैं; इन्हें इतना भी नहीं पता है कि शौच जाने के बाद, मल-मूत्र का त्याग करने के बाद हाथ कहां धोना चाहिए। वो पीने वाला पानी है; हाथ तो जाकर नल पे धोना चाहिए। ये हालत है समाज की, और ये अपने आप को साधक कहते हैं। कितने लोग तो धोते ही नहीं। लेकिन नहीं पता था, अब तो कम से कम अपनाओ — मल-मूत्र का त्याग करने के बाद हाथ-पांव धोना बहुत जरूरी है।
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वीडियो: दर्शन से हमें क्या सीखना है ? #livesatsang #yogi Ji ka satsang · 2025-03-13