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प्रश्नोत्तर P23-0107 · भाग 23

गुरु जी, परिवार से निमंत्रण आता है और हम जानते हैं कि वे ईमानदारी से नहीं कमाते — तो उनके यहां भोजन ग्रहण करना चाहिए या नहीं?

आप देख लो — ऐसे तो नहीं करना चाहिए। मैं एक घटना बताता हूं। मिर्जापुर में रुके थे, वहां वालों ने कहा उनकी बहन दूर रहती है, वहां चलें — हमने कहा ठीक है, सुबह निकलेंगे। रात को आराम करने गया, फिर तुरंत वापस आया, पूछा — पहले यह बताओ, वे करते क्या हैं? बोले पोल्ट्री फार्म है। मैं बोला, मैं उनके यहां पानी तक नहीं पिऊंगा, जाने की बात कर रहे हो! बोले हम व्यवस्था बाहर से कर देंगे — मैंने कहा उनके घर में पंखा चलेगा, उस पंखे की हवा भी मुझे घुटन देगी, क्योंकि कई मुर्गियां कटी होंगी तब वह पंखा आया होगा; कुर्सी-टेबल सब — ना बाबा, मुझसे नहीं होगा। फिर नहीं गया। फिर वे लोग आए तो हमने कहा, यह व्यापार छोड़ के कोई और व्यापार अपना लो। तो मैं ऐसे घर में नहीं जाता जहां पोल्ट्री फार्म हो, जहां जीव-हत्या का व्यापार हो — ऐसे यहां पानी पीना भी पसंद नहीं करता। वे क्या करते हैं, वे जानें; मैं नहीं जाना चाहता। आदिवासी क्षेत्र में घूमता हूं तो उनके घर में रुक जाता हूं, क्योंकि वे अभी आगे बढ़ रहे हैं, उनकी समझ बढ़ रही है।

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वीडियो: जीव , माया और ब्रह्म क्या है ? #livesatsangyogijika #aadhyatmik_satsang #yogijikasatsang · 2025-03-09