आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P23-0171 · भाग 23

गुरु जी, मन को कैसे स्थिर किया जाता है?

छोड़ दो मन को, आप स्थिर हो जाओ। देखिए, मन को लेकर कितनी भ्रांति है — मन से बहुत दुखी हैं, रोक-रोक के परेशान हैं; कभी नहीं रुकेगा, भाई। यह रुकने वाली चीज नहीं है। जब तक चाहिए है, मन थोड़ी देर एकाग्र हो सकता है, लेकिन हमेशा के लिए नहीं। आप एक बात बताइए — वह आपका सहायक है, आप उसे क्यों रोक रहे हो? वह जरूरत ही तो बता रहा है — आपकी जरूरत की वस्तुएं बता रहा है कि आपको यह जरूरत है। और यह गलती हमसे लोग करवा रहे हैं — 99 परसेंट लोगों ने यही कहा कि मन को रोको, और मन की गति सबसे तेज बता दी। ऐसा कुछ नहीं है। मन कहीं जाता-आता नहीं; जाता होता तो घर भेज के खबर मंगा लो कि घर में लाइव क्या हो रहा है। नहीं जाता, अंदर ही भटकता है — या तो इंद्रियों द्वारा बाहर, या जितना आपने जमा किया है उसमें, और वह भी जरूरत में। सीधा देखो — भटकने वाले आप ही हो, मन निमित्त है। अब ध्यान में भी यही बता रहे हैं कि विचारों को रोको। अरे भाई, विचार तो ऑप्शन हैं — आपको क्या चाहिए, वैसे देश, काल, स्थिति, परिस्थिति के अनुसार विचार आते हैं। आप उन विचारों का सदुपयोग करो ना।

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वीडियो: साधक की दिनचर्या क्या होनी चाहिए ? / दिनचर्या साधक की #livesatsang · 2025-03-12